18वीं तिब्बती निर्वासित संसद के लिए डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और खेनपो सोनम तेनफेल क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित
परम पावन दलाई लामा दिल्ली में चिकित्सा उपचार तथा लद्दाख की अपनी वार्षिक यात्रा के लिए धर्मशाला से रवाना हुए।