भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने पूर्वी तिब्बत में चीन के औपनिवेशिक प्रणाली के आवासीय स्कूलों के विस्तार पर चिंता व्यक्त की

September 9, 2024

धर्मशाला। तिब्बत के न्गाबा क्षेत्र में विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, तिब्बत में चीन की आत्मसात करने वाली शिक्षा नीतियों और तिब्बत भर में अनिवार्य औपनिवेशिक शैली के आवासीय स्कूलों को मजबूत करने के परिणामस्वरूप सांस्कृतिक विलयीकरण और तिब्बती पहचान का नुकसान हो रहा है। मुख्य रूप से युवा तिब्बती भिक्षुओं और भिक्षुणियों को निशाना बनानेवाली जबरन की ये नीतियां पारंपरिक तिब्बती संस्कृति, धर्म और जीवन शैली के संरक्षण पर गंभीर खतरा पैदा करती हैं।

कीर्ति मठ और ज़ोगे काउंटी के दो मठों के १७०० से अधिक युवा भिक्षुओं को जबरन मठवासी जीवन छोड़ने और सरकारी औपनिवेशिक प्रणाली के आवासीय स्कूलों में दाखिला लेने का आदेश दिया गया है। उपरोक्त ये तीनों मठ पारंपरिक प्रांत अमदो के न्गाबा में स्थित हैं, जिन्हें अब सिचुआन प्रांत में शामिल कर लिया गया है। मठों से १८ वर्ष से कम आयु के भिक्षुओं का निष्कासन और आवासीय स्कूलों में जबरन नामांकन प्रभावित बच्चों और उनके माता-पिता दोनों की इच्छा और सहमति के विरुद्ध किया जा रहा है।

इन स्कूलों में युवा भिक्षुओं को गहन राजनीतिक प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता हैं, जिसमें पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) की सरकार की अनिवार्य प्रशंसा भी शामिल है। इन बच्चों को मुख्य रूप से मंदारिन चीनी भाषा में पढ़ाया जाता है और स्कूल की छुट्टियों के दौरान उन्हें अपने मठों में जाने से भी मना किया जाता है। इन उपायों से तिब्बती भाषा कौशल की हानि होती है और तिब्बती सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक प्रथाओं से उनका धीरे-धीरे नाता टूटता जाता है।

इन नीतियों को सख्ती से लागू करने को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारी सार्वजनिक लाभ वापस लेने और यहां तक कि उन माता-पिता को जेल में डालने की धमकी दे रहे हैं जो अपने बच्चों को इन सरकारी आवासीय स्कूलों में भेजने का विरोध करते हैं। तिब्बतियों पर अपनी जमीन पर नए घर बनाने और खानाबदोशों पर अपने पशुधन की संख्या बढ़ाने पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

यह स्पष्ट है कि पीआरसी सरकार के क्रूर शासन के तहत तिब्बत में मानवाधिकार की स्थिति बिगड़ती जा रही है और चीन द्वारा तिब्बती सांस्कृतिक और धार्मिक स्वतंत्रता को बहुत तेजी से दबाया और नष्ट किया जा रहा है। हाल के दिनों में ये चिंताजनक घटनाक्रम इस साल जुलाई में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के एक उच्च पदस्थ सदस्य वांग हुनिंग द्वारा करज़े, न्गाबा और क्यूंगचू काउंटियों के तिब्बती क्षेत्रों के दौरे के साथ मेल खाते हैं।

हम सरकारों, संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस गंभीर स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हैं जो सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के साथ-साथ सभी के लिए मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम पीआरसी से तिब्बती लोगों के तिब्बती पहचान को कायम रखने, संरक्षित करने और बढ़ावा देने के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करने के अपने अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों को बनाए रखने की आवश्यकता को दोहराते हैं। हम पीआरसी सरकार से औपनिवेशिक प्रणाली के आवासीय स्कूलों के संचालन के माध्यम से तिब्बती क्षेत्रों में अपनाई जा रही आत्मसात करने वाली नीतियों को रोकने का पुरजोर आह्वान करते हैं।


विशेष पोस्ट

मेडिकल अपडेट: परम पावन दलाई लामा के बाएं घुटने की सफल रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई

Yesterday at 6:09 am

परम पावन दलाई लामा दिल्ली में चिकित्सा उपचार तथा लद्दाख की अपनी वार्षिक यात्रा के लिए धर्मशाला से रवाना हुए।

5 Jun at 5:42 am

स्पीकर डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और डिप्टी स्पीकर खेंपो सोनम तेनफेल ने आज शपथ ली

1 Jun at 10:32 am

18वीं तिब्बती निर्वासित संसद के लिए डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और खेनपो सोनम तेनफेल क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित

31 May at 9:50 am

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कर्मचारियों ने परम पावन दलाई लामा से मुलाक़ात की

12 May at 10:07 am

संबंधित पोस्ट

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

3 months ago

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

3 months ago

पैंसठवें तिब्बती लोकतंत्र दिवस पर निर्वासित तिब्बती संसद का वक्तव्य

9 months ago

तिब्बती लोकतंत्र दिवस की पैंसठवीं वर्षगांठ पर कशाग का वक्तव्य

9 months ago

परम पावन महान 14वें दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के अवसर पर निर्वासित तिब्बती संसद ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं

11 months ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service