भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

छह तिब्बती लेखकों-कार्यकर्ताओं को चीन ने ‘राष्‍ट्रीय सुरक्षा’ को खतरा होने के आरोप में सजा सुनाई

October 29, 2022

छह तिब्बती लेखकों–कार्यकर्ताओं को चीन ने ‘राष्‍ट्रीय सुरक्षा‘ को खतरा होने के आरोप में सजा सुनाई

 चीनी शासन का विरोध करने वाली गतिविधियों के लिए सभी छह को पहले जेल भेजा गया था।

 rfa.org / सांगयाल कुंचोक

१८ अक्तूबर, २०२२

तिब्बती सूत्रों का कहना है कि तिब्बत में चीनी अधिकारियों ने ‘अलगाववाद को उकसाने’और ‘राष्‍ट्रीय की सुरक्षा को खतरे में डालने’के आरोप में छह तिब्बती लेखकों और कार्यकर्ताओं को चार से १४ साल तक की कैद की सजा सुनाई है।

निर्वासन में रह रहे एक सूत्र ने बताया कि छह लोगों को सितंबर में सिचुआन प्रांत के कार्देज़ (चीनी-गांजी में) तिब्बती स्वायत्त प्रीफेक्चर में उनकी गिरफ्तारी के बाद एक से दो साल तक तनहाई कैद में रखने के बाद सजा सुनाई गई है।

आरएफएके सूत्र ने बताया कि यह सब पूरी तरह से गोपनीयता में किया गया था।स्विट्जरलैंड में रहने वाले एक पूर्व राजनीतिक कैदी गोलोग जिग्मे ने क्षेत्र में संपर्कों का हवाला देते हुए कहा, ‘तिब्बत के अंदर कड़े प्रतिबंधों और निरंतर जांच के कारणउनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों या उन्हें कहां रखा जा रहा है, इसके बारे में अधिक विस्तृत जानकारी प्राप्त करना अब बहुत मुश्किल है।‘

कार्देज़ पीपुल्स कोर्ट द्वारा सज़ा दिए जाने के कारण लेखक और पूर्व स्कूली शिक्षक गंगकी द्रुपा क्याब १४ साल की जेल की सजा काट रहे हैं। इसी तरहलेखक और पर्यावरण कार्यकर्ता सेयनम को छह साल और राजनीतिक कार्यकर्ता गंगबू युद्रम को सात साल की सजा काट रहे हैं।

कार्देज़ की अदालत द्वारा राजनीतिक कार्यकर्ता त्सेरिंग डोलमा को आठ साल,लेखक पेमा रिनचेन को चार साल और राजनीतिक कार्यकर्ता समदुप को आठ साल की सजा सुनाई गई है।

अपनी गतिविधियों के लिए पिछली जेल की सजा काट रहे इस समूह की गिरफ्तारी और सजा तिब्बती क्षेत्रों में आधिकारिक चीनी नीतियों और विचार के खिलाफ जीवन जीने वाले और विचार रखनेवाले पुरुषों और महिलाओं को सबक सि‍खाने के लिए बीजिंग द्वारा जारी अभियान को ही रेखांकित करता है।

पूर्व में स्वतंत्र राष्ट्रतिब्बत पर चीनी सरकार द्वारा आक्रमण किया गया था और ७०साल से अधिक समय पहले बलपूर्वक चीन में शामिल कर लिया गया थाऔर तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा और उनके हजारों अनुयायी बाद में भारत और दुनिया भर के अन्य देशों में चीन के शासन के खिलाफ १९५९ के असफल राष्ट्रीय विद्रोह के बाद निर्वासन में भाग गए थे।

चीनी अधिकारियों ने तिब्बतियों की राजनीतिक गतिविधियों और सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को बचाने के लिए शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की अभिव्यक्ति पर रोक लगा दिया है। इसके साथ ही तिब्बतियों को उत्पीड़न, यातना, कारावास और न्‍यायेतर हत्याओं के दौर से गुजरना पड़ रहा है। चीन ने इन हथकंडों को अपनाकर इस क्षेत्र पर एक मजबूत पकड़ बनाए रखी है।


विशेष पोस्ट

संदेश

31 Mar at 9:22 am

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

10 Mar at 9:41 am

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

10 Mar at 9:36 am

परम पावन दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिला, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सल ज़िम्मेदारी और करुणा को दिखाया

2 Feb at 9:15 am

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

December 10, 2025

संबंधित पोस्ट

संदेश

2 weeks ago

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

1 month ago

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

1 month ago

परम पावन दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिला, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सल ज़िम्मेदारी और करुणा को दिखाया

2 months ago

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

4 months ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service