भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

तिब्बती राजनीतिक कैदी पांच साल की सजा काटने के बाद रिहा

October 30, 2021

थांगकोर सोक्त्सांग मठ

freetibet.org

गेंदुन दपाका को २०१५ में ‘अलगाववाद उकसाने’ के आरोप में मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया था

सूत्रों ने फ्री तिब्बत को पुष्टि की है कि २०१५ में थांगकोर सोकत्सांग मठ से मनमाने ढंग से गिरफ्तार किए गए तिब्बती भिक्षुओं में से एक को ‘अलगाववाद उकसाने’ के आरोप में पांच साल की जेल की सजा काटने के बाद रिहा कर दिया गया है।

४५ वर्षीय गेंदुन दपाका रिहा होने के बाद अगस्त २०२१ में अपने घर लौट आए, लेकिन तब से खराब स्वास्थ्य के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। संचार माध्यमों पर लगे कठोर प्रतिबंधों के कारण उनकी स्थिति के बारे में और जानकारी प्राप्त करना असंभव हो गया है।

रिहाई के बावजूद गेंदुन दपाका की स्वतंत्रता सशर्त है। अनिश्चितकालीन पैरोल पर उन्हें हर महीने पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाने की आवश्यकता होती है और वह और उसका परिवार दोनों सरकारी निगरानी के अधीन हैं।

२४ अगस्त २०१५ को चीनी सशस्त्र पुलिस ने थांगकोर सोक्त्सांग मठ, न्गाबा पर छापा मारकर गेंदुन दपाका और लोबसंग शेरब को कमरे से जबरन हिरासत में ले लिया था।

एक साल से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बाद दोनों भिक्षुओं को ‘अलगाववाद उकसाने’ और ‘निर्वासित तिब्बतियों को जानकारी लीक करने’ के आरोप में गुप्त मुकदमे में सजा सुनाई गई थी। इस जोड़ी को क्रमशः पांच और चार साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। सुनवाई के दौरान न तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत आवश्यक कानूनी मदद दी गई और न ही उन्हें अपना बचाव करने का अवसर दिया गया।

गुप्त रूप से चली सुनवाई में इन भिक्षुओं के परिवार के सदस्यों में से किसी को भी उन्हें देखने की अनुमति नहीं थी और जो पर्यवेक्षक उपस्थित हुए थे, उनकी कड़ी जांच की गई थी।

उन पर जिस कथित अलगाववाद को उकसाने का आरोप लगाया गया था, वह असल में २०१५ में तिब्बती खानाबदोशों द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन था। भर्मा गांव, न्गाबा में सरकारी भूमि जब्ती के विरोध में आयोजित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप इन दोनों भिक्षुओं पर नहीं लगाया गया था। बल्कि इन पर आरोप यह था कि इन्होंने बाहरी लोगों को इन विरोध-प्रदर्शनों की जानकारी लीक की है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण के अधिक अनुकूल गांवों के निर्माण के उद्देश्य से २०१० में सरकारी भूमि अधिग्रहित की गई थी। इससे ४०० एकड़ जमीन और २० परिवारों के घर इसके दायरे में आ गए और उन्हें विस्थापित होना पड़ा था। हालांकि, बाद में इन योजनाओं को छोड़ दिया गया था। लेकिन जमीन उनके मूल निवासियों के सौंपने की बजाय चीनी अधिकारी निजी निगमों को भूमि पट्टे पर दे रहे हैं।

सूचना Tibet Watch से मिली।


विशेष पोस्ट

मेडिकल अपडेट: परम पावन दलाई लामा के बाएं घुटने की सफल रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई

12 Jun at 6:09 am

परम पावन दलाई लामा दिल्ली में चिकित्सा उपचार तथा लद्दाख की अपनी वार्षिक यात्रा के लिए धर्मशाला से रवाना हुए।

5 Jun at 5:42 am

स्पीकर डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और डिप्टी स्पीकर खेंपो सोनम तेनफेल ने आज शपथ ली

1 Jun at 10:32 am

18वीं तिब्बती निर्वासित संसद के लिए डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और खेनपो सोनम तेनफेल क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित

31 May at 9:50 am

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कर्मचारियों ने परम पावन दलाई लामा से मुलाक़ात की

12 May at 10:07 am

संबंधित पोस्ट

CTA कॉम्पिटेंसी फ्रेमवर्क रिव्यू, वैलिडेशन और एप्लीकेशन वर्कशॉप खत्म हुई

1 week ago

मेडिकल अपडेट: परम पावन दलाई लामा के बाएं घुटने की सफल रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई

1 week ago

शिक्षा विभाग ने बेंगलुरु में दलाई लामा इंस्टीट्यूट फॉर हायर एजुकेशन के छात्रों के लिए तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन किया।

1 week ago

गंगटोक घोटन कमेटी ने तिब्बती समुदाय के साथ मिलकर परम पावन दलाई लामा के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना सभा की

1 week ago

मियाओ चोएफेलिंग तिब्बती बस्ती ने जाने वाले असिस्टेंट कमिश्नर का आभार जताया, नए अधिकारी का स्वागत किया

1 week ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service