भाषा
བོད་ཡིག中文English

तिब्बत पर स्विस संसदीय समूह ने तिब्बत और तिब्‍बत के बाहर रह रहे तिब्बतियों के दमन की सुनवाई की

September 21, 2022

tibet.net

२० सितंबर, २०२२

बर्न। आज २० सितंबर कोतिब्बत पर गठित स्विस संसदीय समूह ने चीनी अधिकृत तिब्बत में संस्कृति-आधारित हिंसा और दमन के साथ-साथ तिब्बतियों के खिलाफ किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय दमन पर गवाही सुनी।

‘व्हिस्पर्स फ्रॉम द लैंड ऑफ़ स्नोज़: कल्चर-बेस्ड वायलेंस इन तिब्बत’ की लेखि‍का फैनी इओना मोरेल और ‘तिब्बत ब्यूरो जिनेवा’ की प्रतिनिधि थिनले चुक्की ने तिब्बत में तिब्बतियों पर चल रहे दमन के साथ-साथ निर्वासित तिब्बतियों के खिलाफ चीन के अंतरराष्ट्रीय दमन का विस्तृत विवरण दिया।

तिब्बत स्विस संसदीय समूह के सह-अध्यक्ष माननीय निकोलस वाल्डर और निक गुगर, और माननीय सदस्य प्रिस्का बिरर-हेमो, लॉरेंस फेहलमैन रिएल, क्लाउडिया फ्रिडल और मार्टिना मुंज बैठक में स्विस-तिब्बती मैत्री संघ के अध्यक्ष थॉमस बुचली और उपाध्यक्ष ल्हावांग नोगोरखांगसर के साथ उपस्थित थे।

तिब्बत का दौरा कर चुकीं सुश्री मोरेलने कहा, ‘मैं ल्हासा का एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करना चाहती हूं। वहां केवल तिब्बतियों पर ही नजर नहीं रखी जा रही है। कई मौकों परबिना किसी विवेक के, बिना किसी सोच-समझ केव्यक्तिगत रूप से पुलिस अधिकारियों द्वारा मेरा पीछा किया गया है, जो मेरी हर गतिविधियों को लेकर बहुत चौकस थे। मैं चीनी और सैन्य पुलिस बलों की धमकी के बारे में भी बहुत चिंतित थी। ल्हासा मेंजोखांग मंदिर और उसका कोरा इस तरह की धमकी का एक अच्छा उदाहरण है। बंद गलियों और सुरक्षित सड़कों पर अनगिनत निगरानी कैमरों के अलावापुलिस और सैन्य बलों की भारी तैनाती है। सशस्त्र, लड़ाकू सैनिक चारों ओर पास-पड़ोस कीसड़कों पर और छतों पर लड़ने के मूड में तैनात रहते हैं और नियमित रूप से तीर्थयात्रियों के बीच गश्त करते हैं। अग्निशामक यंत्र और धातु के स्नेयर पोल चारो ओर लगे हुए हैं।‘

अपनी गवाही के दौरानउन्होंने आगे कहा कि,‘तिब्बत में नरसंहार के कृत्यों को ठी उसी तरह माना जाना चाहिए, जैसा कि १९६० में तिब्बत मुद्दे की जांच के लिए कानूनी समिति द्वारा घोषित किया गया था। तिब्बतियों की सुरक्षा के लिए वही स्थिति नाटकीय रूप से अब भी जारी हैं। और वहां शांतिस्‍थापित होने की उम्‍मीद दिन-ब-दिन कम होती जा रही है।‘

चीनी सरकार द्वारा तिब्बती धर्म और संस्कृति के उत्पीड़न के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ‘यह कहकर कि, तिब्बती आध्यात्मिक नेता के पुनर्जन्म का निर्धारण चीन का आंतरिक मामला है, सीसीपी एक बार फिर इस तथ्य की अनदेखी कर रही है कि दलाई लामा एक प्रख्यात आध्यात्मिक व्यक्ति हैं। वह  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है और दुनिया भर के लोगों को तिब्बत और तिब्बती होने की अपनी सीमाओं से परे जाकर प्रेरित करते हैं। उनका उत्तराधिकार तिब्बती बौद्ध धर्म के लिए केंद्रीय महत्व का विषय है, जो कई देशों में प्रचलित है। यदि सीसीपी आगे बढ़ती है और अपने स्वयं के कानूनों, नियमों और हितों के आधार पर तिब्बतियों पर १५वें दलाई लामा को थोपती हैतो यह तिब्बत में संघर्ष को और बढ़ा देगा और तिब्बतियों को और संकट में डाल देगा।‘

सुश्री मोरेल की गवाही का समर्थन करते हुएप्रतिनिधि थिनले ने तिब्बत की वर्तमान स्थिति पर वर्तमान कशाग का ब्रीफिंग पेपर साझा किया और नोट किया कि तिब्बती चीनी दमनकारी नीतियों से पीड़ित हैं। गुलामी पर विशेष प्रतिवेदक की रिपोर्ट स्पष्ट रूप से पूर्वी तुर्केस्तान (चीनी: झिंझियांग) और तिब्बत के बीच एक समानांतर रेखा खींचती है और कहती है कि झिंझियांग के समान जबरन श्रम शिविरों की व्यवस्था तिब्बत में की जा रही है और इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। मानवता के खिलाफ अपराधों की स्वतंत्र जांच की जा रही है। इसलिए समय आ गया है कि स्विस संसद सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के आह्वान में शामिल हों कि चीन में विशेष रूप से तिब्बत, पूर्वी तुर्केस्तान और हांगकांग में मानवाधिकारों की स्थिति पर एक स्वतंत्र जांच की जाए।

संसद सदस्यों ने तिब्बत की स्थिति के बारे में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि वे स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने तिब्बत और तिब्बतियों के लिए अपने निरंतर समर्थन और एकजुटता जारी रखने का आश्वासन दिया।


विशेष पोस्ट

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

December 10, 2025

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

December 10, 2025

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

December 2, 2025

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

November 25, 2025

परम पावन दलाई लामा ने ऑस्ट्रेलियन-तिब्बतन नेशनल एसोसिएशन, तिब्बती कम्युनिटीज यूरोप और तिब्बती यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थना में भाग लिया

October 8, 2025

संबंधित पोस्ट

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

1 month ago

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

1 month ago

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

2 months ago

टीम तिब्बत करुणा के वर्ष के सम्मान में फ़ूड बैंक के लिए 16वें सालाना मार्च में शामिल हुई

2 months ago

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

2 months ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service