भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

तिब्बत समर्थक समूहों का नौवां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न

March 25, 2024

tibet.net

ब्रुसेल्स। तिब्बत समर्थक समूहों का तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन २५ फरवरी २०२४ को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्‍मेलन को ब्रुसेल्स स्थित तिब्बत कार्यालय और सीटीए के सूचना और अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग द्वारा पूरा सहयोग दिया गया था।

समापन समारोह में निर्वासित तिब्बती संसद के स्‍पीकर खेंपो सोनम तेनफेल, सूचना और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के कालोन नोरज़िन डोल्मा और फ्रेंच पार्लियामेंटरी ग्रुप फॉर तिब्बत के अध्यक्ष सीनेटर यूस्टाचे-ब्रिनियो ने अपनी अंतर्दृष्टि और दृष्टिकोण को व्‍यक्‍त करते हुए भाषण दिया। समारोह के संचालक के रूप में सीटीए के सूचना और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के अतिरिक्त सचिव तेनज़िन लेक्षय ने समापन सत्र की अध्‍यक्षता की।

स्‍पीकर खेनपो सोनम तेनफेल ने अपने मुख्य भाषण में इस बात पर जोर दिया कि तिब्बत से संबंधित मुद्दों को राजनीति से अधिक गहरे स्तर पर संबोधित करने की आवश्यकता है क्योंकि वह करुणा और अहिंसा पर आधारित तिब्बती संस्कृति के अस्तित्व और विरासत को प्रभावित करते हैं।

उन्होंने तिब्बती संघर्ष की दिशा को निर्धारित करने में तिब्बती पक्षकारों और समर्थक समूहों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिकाओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि तिब्बत का इतिहास बहुत महत्व रखता है और वहां समर्थक समूहों के निस्वार्थ समर्पण को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। तिब्बत को अब पहले से कहीं अधिक समर्थन की आवश्यकता है। इसके लिए महत्वपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तिब्बत-चीन संघर्ष को पीआरसी द्वारा परिभाषित चीन के आंतरिक मामले के बजाय एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दे के रूप में देखे।

उन्होंने आगे मांग की कि नीति निर्माता और उसे लागू करनेवाले अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें और किसी भी तरह से तिब्बत पर चीन की संप्रभुता के दावों का समर्थन या स्वीकार करने से बचें। स्‍पीकर ने कहा, ‘निर्वासित तिब्बती संसद के पास विधायी निकाय के नियमित संचालन के अलावा सरकारी पक्षधरता अभियानों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय और भारतीय संसद सदस्यों और भारत में आम जनता तक पहुंचने की योजना भी हैं’।

अध्यक्ष ने यह कहते हुए अपने संबोधन का समापन किया कि निर्वासित तिब्बती संसद जापान की राजधानी टोक्यो में तिब्बत पर नौवें विश्व संसदीय सम्मेलन का आयोजन कर रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नौवें अंतरराष्ट्रीय तिब्बत समर्थक समूह सम्मेलन में भाग लेने वालों की सहायता और समर्थन से संसद के कई सदस्य भाग लेंगे।

फ्रेंच इंटरनेशनल इंफॉर्मेशन ग्रुप ऑन तिब्बत के अध्‍यक्ष सीनेटर जैकलीन यूस्टाचे-ब्रिनियो ने अपने समापन भाषण में इस बात पर प्रकाश डाला कि चीनी अधिकारी तिब्बती पहचान के तीन मुख्य स्तंभों- धर्म, भाषा और संस्कृति को कमजोर करना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि तिब्बती धर्म पर कड़ी नजर रखी जा रही है और उसका अनादर किया जा रहा है। जबकि शैक्षणि‍क और व्यावसायिक तंत्र में तिब्बती भाषा की उपेक्षा की जा रही है। यहां तक कि तिब्बती बच्चों को बोर्डिंग स्कूलों में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है जहां उन्हें चीनी भाषा सिखाई जाती है और नई चीनी पहचान अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा तिब्बती लोगों की पहचान और प्राकृतिक पर्यावरण को नष्ट करने के लिए उठाए गए सभी कदम न केवल तिब्बति‍यों की पीड़ा को बढ़ाते हैं बल्कि पश्चिमी देशों के लिए भी चिंताएं बढ़ाते हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि प्रत्येक राजनीतिक संगठन, एनजीओ और सार्वजनिक हस्ती को आर्थिक हितों की परवाह किए बिना तिब्बत के मुद्दे पर स्पष्ट रूप से बोलना चाहिए, ताकि बीजिंग में बैठे अधिकारियों को यह सूचित किया जा सके कि उनके लिए क्या अस्वीकार्य है। तिब्बत पर सूचना समूह के सीनेटर के रूप में हम तिब्बत में कैदियों के साथ-साथ शरण मांगने और मानवाधिकारों का सम्मान करने में विफलता की निंदा करने वाले तिब्बतियों के लिए फ्रांसीसी सरकार के साथ हस्तक्षेप करना जारी रखेंगे।

अपने समापन भाषण में सीटीए के सूचना और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के कालोन (मंत्री) नोरज़िन डोल्मा ने तिब्बत मुद्दे की निरंतर प्रासंगिकता के प्रतीक के रूप में तिब्बत समर्थकों समूहों के नौवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने टिप्पणी की, ‘इस उद्देश्य को मुख्य रूप से परम पावन दलाई लामा की करुणा, अहिंसा, संवाद और मेल-मिलाप की भावना और प्रतिबद्धता के आधार पर आकार दिया गया है।‘

उन्होंने वर्षों से तिब्बती स्वतंत्रता के संघर्ष में स्वेच्छा से अपना समय, ऊर्जा, विशेषज्ञता और संसाधनों का योगदान देने के लिए प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया। उनके प्रयासों का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महसूस किया गया है, तिब्बत पर स्पॉटलाइट बढ़ी है और यह मुद्दा अधिक प्रकाश में आया है। इससे नवीन जमीनी स्तर की सक्रियता, संसदीय प्रक्रियाओं, लॉबी के प्रयासों, मीडिया की सक्रियता और संयुक्त राष्ट्र की पहलों और विभिन्न तंत्रों के उपयोग के माध्यम से पीआरसी सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ गया है। उन्होंने प्रतिभागियों की तिब्बत और तिब्बत के लोगों से संबंध, जुड़ाव और प्रतिबद्धता की भावना के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्‍होंने यह भी कहा है कि लंबे समय से चले आ रहे चीन-तिब्बत संघर्ष का समाधान खोजने और तिब्बत के अंदर मानवाधिकार की स्थिति में सुधार लाने के लिए उनके प्रयास महत्वपूर्ण रहे हैं।

इसके अलावा, कालोन ने तिब्बत के बारे में बात की और बताया कि कैसे चीन की कठोर नीतियों के परिणामस्वरूप तिब्बती संस्कृति, भाषा और पहचान धीरे-धीरे खत्म हो रही है। इसमें धार्मिक स्वतंत्रता में कटौती, गहन निगरानी, आवाजाही और व्यापार पर प्रतिबंध, पारिस्थितिक क्षति और जल असुरक्षा शामिल है। ये चुनौतियां बरकरार हैं, लेकिन तिब्बत समर्थक समूहों और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से कुछ सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इससे तिब्बत फिर से वैश्विक सुर्खियों में आ गया है। हालांकि, अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है और हमें उन क्षेत्रों में और सफलता हासिल करने के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ मिलकर काम करना जारी रखना चाहिए जहां हम अभी तक नहीं पहुंच पाए हैं। हमें बातचीत के माध्यम से तिब्बत में संघर्ष के अंतिम समाधान को प्राप्त करने के लिए पहले से ही की गई प्रगति को एकीकृत और सुदृढ़ करना चाहिए।

सीटीए के सूचना और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के सचिव कर्मा चोयिंग ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘हम प्रतिस्पर्धी के बजाय पूरक भागीदार हैं। इसलिए हमें भाईचारे और एकता की भावना के साथ मिलकर काम करना चाहिए। आप में से कई लोग लंबे समय से तिब्बत के समर्थक रहे हैं और हमारे साथ आपका जुड़ाव और इस मुद्दे के प्रति अमिट प्रतिबद्धता तिब्बतियों की लड़ाई के प्रति आपकी वास्तविक चिंता का प्रमाण है। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है।‘

सचिव ने अपने संबोधन को समाप्‍त करने से पहले कहा कि तिब्बत की आजादी और शांतिपूर्ण दुनिया के लिए लड़ाई सिर्फ हमारी अकेले की लड़ाई नहीं है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम युवा पीढ़ी को संघर्ष जारी रखने की कमान सौंपें। २०२१ में सिक्योंग पेन्पा छेरिंग के नेतृत्व में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों से युवा तिब्बतियों को तिब्बती मुद्दे पर अपना पक्ष रखने में सक्रियता को प्रोत्साहित करने के लिए स्वैच्छिक तिब्बती पक्षधरता समूह (वीटीएजी) की शुरुआत की। वर्तमान में हमारे पास १८ देशों में ३९ वीटीएजी में ५२१ प्रेरित युवा तिब्बती हैं। इसके साथ ही हम अपनीविरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपनी पीढ़ी के अधिक से अधिक युवाओं को नेटवर्क में लाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इन युवा अभियानी कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे तिब्बती मुद्दे को बढ़ावा देने के लिए तिब्बती समर्थक समूहों (टीएसजी) और अन्य पक्षों के साथ मिलकर काम करेंगे।


विशेष पोस्ट

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कर्मचारियों ने परम पावन दलाई लामा से मुलाक़ात की

12 May at 10:07 am

बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) के अवसर पर परम पावन दलाई लामा का संदेश

1 May at 9:42 am

संदेश

31 Mar at 9:22 am

परम पावन दलाई लामा के दीर्घायु के लिए तीन तिब्बती समूहों द्वारा प्रार्थनाएं अर्पित

25 Mar at 10:05 am

परम पावन दलाई लामा ने भारत में तिब्बत मुद्दे का समर्थन करने वाले कोर ग्रुप द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थनाओं में भाग लिया

11 Mar at 9:07 am

संबंधित पोस्ट

वेन. थुबटेन वांगचेन ने लैटिन अमेरिका में परम पावन दलाई लामा के प्रतिनिधि के रूप में कार्यभार संभाला

2 hours ago

सिक्योंग के नेतृत्व वाले सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में आयोजित संयुक्त राज्य अमेरिका के ‘फ्रीडम 250’ समारोह में भाग लिया।

3 hours ago

तिब्बती इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स ने चेक रिपब्लिक का दौरा किया, तिब्बती संस्कृति पर चीन के नैरेटिव को चुनौती दी

4 hours ago

प्रतिनिधि केलसांग ग्यात्सेन बावा ने Buddha’s Birthday समारोह और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में भाग लिया, जो Hsuan Chuang University, Taiwan में आयोजित किया गया।

4 days ago

परम पावन दलाई लामा के कार्यालय (OHHDL) के सचिव Tenzin Taklha को Thiksey Medal से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 9th Thiksey Rinpoche के 84वें जन्मदिवस समारोह के अवसर पर प्रदान किया गया।

5 days ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service