भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

नत्थी वीजा पर भारत को चीन का अनुसरण करने की जरुरत नही ।

December 12, 2010

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सों का कहना है कि चीन का सह अस्तित्व के सिद्बांत में विश्वास नही है जबकि भारत अपने पंचशील सिद्वांतों के लिए जाना जाता है । चीन की घुसपैठ भारत को उत्तेजित करने के लिए होती है । उन्होंने भारत की सामरिक नीति की रहाहना करते हुए कहा कि भारत को चीन से भयभीत होने की जरुरत नही है । तिब्बती धर्मगुरु इन दिनों लखनउ में है। शनिवार को उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत की । पेश है बातचीत के प्रमुख अंश चीन और पाकिस्तान के बीच बढते सामरिक रिश्तों को देखते हुए क्या भारत को अपनी सामरिक रणनीति में परिवर्तन करना चाहिए ।
भारत की सामरिक नीति में बदलाव की आवश्यकता नहीं है , बल्कि इसे पुख्ता करते रहने की जरुरत है । रही बात चीन और पाकिस्तान के बीच बढ दोस्ती की , तो भारत को चिंतित होने के बजाय नजर रखने की जरुरत है ।
जिस प्रकार चीन में जम्मू कशमीर के नागरिकों के लिए नत्थी वीजा दिया जाता है क्या भारत को तिब्बती लोगों को भी नत्थी वीजा दिया जाना चाहिए ।
भारत दुनिया का सबसे बडा लोकतांत्रिक देश है जबकि चीन में लोकतंत्र नही है । वहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी नही। इसलिए जरुरी नहीं कि चीन जो काम करे भारत उसका अनुसरण करे । भारत सोच समझ कर जो भी काम करता है ठीक करता है ।
चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ अगले महीने भारत आ रहे है। इस्लामाबाद जाएंगे । क्या इस यात्रा से भारत और चीन के रिश्तों में सुधार की उम्मीद की जानी चाहिए ।
रिश्तों में सुधार तो बाद की बात है लेकिन एक लाभ जरुर मिलेगा। इस यात्रा के दौरान विभिन्न मुद्दों पर दोनों देशों को एक साथ बैठकर बातचीत करने का अवसर मिलेगा । बातचीत समस्याओं के समाधान की दिशा मे महत्वपूर्ण पहले मानी जानी चाहिए।


विशेष पोस्ट

संदेश

31 Mar at 9:22 am

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

10 Mar at 9:41 am

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

10 Mar at 9:36 am

परम पावन दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिला, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सल ज़िम्मेदारी और करुणा को दिखाया

2 Feb at 9:15 am

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

December 10, 2025

संबंधित पोस्ट

संदेश

2 weeks ago

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

1 month ago

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

1 month ago

परम पावन दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिला, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सल ज़िम्मेदारी और करुणा को दिखाया

2 months ago

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

4 months ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service