भाषा
བོད་ཡིག中文English

परम पावन दलाई लामा ने लद्दाख के लेह में जोखांग, मस्‍जिद और गिरजाघर की यात्रा कीं

July 21, 2022

लेह, लद्दाख में शिया मस्जिद अंजुमन-ए-इमामिया की प्रार्थना सभा में परम पावन दलाई लामा ।

dalailama.com 

शेवाट्सेल, लेह, लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश, भारत। परम पावन दलाई लामा१५ जुलाई को लद्दाख पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उन्‍होंने आज २१ जुलाई को अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में सामने आए। इसमें उन्‍होंने लेह के मध्‍य में स्थित प्रमुख बौद्ध मंदिर जोखांग, जामा मस्जिद और अंजुमन-ए-इमामिया मस्जिदों और मोरावियन चर्च की तीर्थयात्रा की।

परम पावन के जोखांग आगमन पर लद्दाख बौद्ध संघ के अध्यक्ष थुप्टेन छेवांग और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका हार्दिक स्वागत किया। जोखांग मंदिर में परम पावन ने बुद्ध, मंजुश्री, सहस्र सशस्त्र अवलोकितेश्वरऔर गुरु पद्मसंभव की प्रतिमाओं के समक्ष अपना सिर झुकाया। उन्होंने ल्हासा जोवो के प्रतीक स्‍वरूप बुद्ध की प्रतिमा के सामने अपना आसन ग्रहण करने से पहले मठों, गैर सरकारी संगठनों के प्रति‍निधियों और अन्य मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

थुप्टेन छवांग ने परम पावन को यहां का पारंपरिक मंडल भेंट किया। इसके बाद अन्य प्रतिनिधियों ने उन्हें रेशमी खटक (स्कार्फ) पहनाया। तीन बार प्रार्थना करने के बाद हृदय सूत्र का पाठ किया गया।

परम पावन ने जोखांग में और बाहर प्रांगण में एकत्रित सभी लोगों का अभिनन्दन करते हुए अपना प्रवचन प्रारंभ किया। उन्‍होंने तिब्‍बती में नमस्‍कार ‘ताशी देलेग’ करने के बाद कहा,‘हम सभी बहुत पुराने मित्र हैं और हमारे बीच संबंधों के बंधन ठोस हैं। मैं आपके विश्वास और भक्ति के लिए आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। क्‍योंकि यह मेरे लिए प्रोत्साहन का स्रोत है।

उन्‍होंने कहा,‘हालांकि हम जल्द ही फिर से मिलेंगे, लेकिन आज सुबह मैं आपको बताना चाहता हूं कि धर्म का अधिक से अधिक उपयोग करते हुए मैं सभी जीवों के कल्‍याण के लिए जितना हो सके योगदान जारी रखने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम धर्म का अध्ययन करें, जो हमने सीखा है उस पर चिंतन करें और फिर जो हमने समझा है उसे व्यवहार में लाएं। हमें बुद्ध के वचनों से तैयार किए गए त्रिपिटकों का अध्ययन करना चाहिए और ज्ञान, दर्शन, चारित्र्य की साधना में संलग्न होना चाहिए।‘

जोखांग से परम पावन सुन्नी जामा मस्जिद गए। उन्होंने वहां उपस्थित श्रोताओं को बताया कि इस धर्मस्थल की तीर्थयात्रा करना उनके लिए कितनी खुशी की बात है, जो अंतर-धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।

अन्य धर्मों के पूजा स्थलों पर प्रार्थना करना मेरा शगल है। जब भी मौका मिलता है, मैं यह प्रार्थना करता हूं। चूँकि सभी धर्म करुणा का संदेश देते हैं, इसलिएवे सम्मान के पात्र हैं। भले ही उनके दार्शनिक विचार भिन्न हो सकते हैं।

अमदो में बचपन से ही मेरा मुसलमानों के साथ दोस्ताना संबंध रहा है। बाद में ल्हासा में भी मुस्लिम व्यापारियों के छोटे समुदाय के साथ मेरी मित्रता थी जो तिब्बती सरकार के आधिकारिक कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल होते थे। इसलिए आज यहां मुझे एक बार फिर मुस्लिम भाइयों और बहनों से मिलकर खुशी हो रही है।‘

इसके बादपरम पावन अंजुमन-ए-इमामिया नामक शिया मस्जिद गए। इमाम बरगढ़ में परम पावन का स्वागत करते समय मेजबान ने याद किया कि परम पावन ने ही २००६ में इस मस्जिद का उद्घाटन किया था। इसके बाद से यहां के प्रबंधकों ने उनका कई बार स्वागत किया है। विभिन्न वक्ताओं ने परम पावन को शांति का मसीहा और भाईचारे का अग्रदूत बताया और उनकी प्रशंसा की। एक वक्ता ने तो यहां तक घोषणा कर दी कि, ‘आज यहां आपकी उपस्थिति लद्दाख के विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच एकता, शांति और भाईचारे का मजबूत और आवश्यक संदेश है जो पूरी दुनिया में जाएगी।‘

परम पावन ने इस अवसर पर कहा कि भारत में धार्मिक सद्भाव की एक अच्छी, लंबे समय से चली आ रही परंपरा है जो लद्दाख में विशेष रूप से दि‍ख रही है।

‘चूंकि हम सभी इंसान मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से समान हैं और चूंकि हम सभी खुशी चाहते हैं जो कि हमारा अधिकार भी है। इसलिए हमें हमेशा एक-दूसरे की मदद करने की कोशिश करनी चाहिए।‘

अंत में परम पावन ने लेह में मोरावियन चर्च का दौरा किया जहाँ उपस्थित जन समूह ने विश्व में शांति और सद्भाव में उनके योगदान की सराहना में एक गीत गाकर उनका स्वागत किया।

परम पावन ने सभा को संबोधित करते हुए बताया, ‘आज जो आपने गर्मजोशी से मेरा स्वागत किया, उसकी मैं तहे दिल से सराहना करता हूं। यह मुझे कई ईसाई भाइयों और बहनों, वैज्ञानिकों और धार्मिक नेताओं की याद दिलाता है।जैसे कि पोलिश पोपजॉन पॉल-II, जिनके साथ मेरे दोस्ताना संबंध रहे हैं।‘

जिस तरह से ईसाइयों ने दुनिया भर में गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद करने में करुणा दि‍खाई  है और इसके साथ-साथ विश्व विकास योगदान दिया है, उसके लिए उन्होंने उनकी प्रशंसा की और कहा कि उनका यह योगदान मानवता की एकता की भावना को दर्शाता है।


विशेष पोस्ट

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

December 10, 2025

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

December 10, 2025

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

December 2, 2025

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

November 25, 2025

परम पावन दलाई लामा ने ऑस्ट्रेलियन-तिब्बतन नेशनल एसोसिएशन, तिब्बती कम्युनिटीज यूरोप और तिब्बती यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थना में भाग लिया

October 8, 2025

संबंधित पोस्ट

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

1 month ago

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

1 month ago

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

1 month ago

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

2 months ago

परम पावन दलाई लामा ने ऑस्ट्रेलियन-तिब्बतन नेशनल एसोसिएशन, तिब्बती कम्युनिटीज यूरोप और तिब्बती यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थना में भाग लिया

3 months ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service