भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

अमेरिकी आयोग ने चीन द्वारा तिब्बती बौद्ध धर्म तेज ‘चीनीकरण’ पर प्रकाश डाला

May 3, 2024

‘अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूनाईटेड स्टेट कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम- यूएससीआईआरएफ)’ की ०१ मई को प्रकाशित २०२४ की वार्षिक रिपोर्ट में चीनी सरकार द्वारा तिब्बती बौद्ध धर्म के बर्बर दमन और उसका ‘चीनीकरण’ किए जाने के कारण तिब्बत में धार्मिक स्वतंत्रता में गिरावट पर प्रकाश डाला गया है। चीनीकरण एक चीनी नीति है जिसका उद्देश्य तिब्बती बौद्ध धर्म को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अनुरूप बनाकर उसके नियंत्रण में लाना है।

चीन को ‘विशेष चिंता’ वाले देश की श्रेणी में रखें

२०२४ की वार्षिक रिपोर्ट के वर्चुअल लॉन्च के दौरान यूएससीआईआरएफ की ओर से बोलते हुए आयोग के उपाध्यक्ष फ्रेडरिक ए. डेवी ने अमेरिकी विदेश विभाग से सिफारिश की कि वह धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन के दोषी चीन को ‘विशेष चिंता का विषय वाले देश (सीपीसी)’ की श्रेणी वाले १७ देशों में से एक के रूप में नामित करे।

आयोग के मुख्य निष्कर्षों से पता चलता है कि तिब्बती बौद्धों पर निगरानी और सुरक्षा उपायों में वृद्धि हुई है, जिससे उनकी शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियों पर अनेक प्रतिबंध लग गए हैं। इसमें कहा गया है कि शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने या परम पावन दलाई लामा से संबंधित सामग्री रखने के आरोप में तिब्बती बौद्धों को गिरफ्तार किया जा रहा है और जेल में डाला जा रहा है। कुछ को आत्मदाह करने से रोकने के नाम पर ‘राजनीतिक पुनःशिक्षा शिविरों’ में भेजा गया है, जहां तिब्बती बौद्ध भिक्षुओं की मृत्यु हो गई है।

एक ऑनलाइन डेटाबेस के अनुसार आयोग की धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता का उपयोग करने के कारण बने पीड़ितों की सूची में ९३ तिब्बती शामिल हैं।

तिब्बती बच्चों का जबरन नस्लीय विलय

सरकारी आवासीय स्कूलों में १० लाख से अधिक तिब्बती बच्चों को उनके परिवारों से जबरन अलग करने और तिब्बतियों को बौद्ध धर्म का स्वेच्छा से पालन करने से रोकने के लिए सरकार के उपायों पर प्रकाश डालते हुए आयोग कहता है, ‘सरकार ने १० लाख तिब्बती बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर दिया, उन्हें जबरन अपने नस्ल में विलय करने के लिए सरकारी आवासीय स्कूलों में डाल दिया। कुछ स्थानीय अधिकारियों ने माता-पिता को तिब्बती बच्चों को धर्म की शिक्षा देने से प्रतिबंधित कर दिया। सरकार ने तिब्बती भिक्षुओं की नियुक्तियों पर अपना नियंत्रण स्थापित किया और दलाई लामा के पुनर्जन्म में हस्तक्षेप करने और उनके उत्तराधिकारी को नियुक्त करने के अपने इरादे को दोहराया।

मानवाधिकार प्रतिबंध

आयुक्त सूसी जेलमैन ने आयोग की भूमिका और अमेरिकी सरकार द्वारा २०२३ में लक्षित मानवाधिकार प्रतिबंधों के कार्यान्वयन पर जोर दिया, जिसमें चीनी अधिकारियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने बिडेन प्रशासन द्वारा उन चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का हवाला दिया ‘जो तिब्बती बच्चों को उनके परिवारों से जबरन अलग करते हैं और तिब्बत में धार्मिक स्वतंत्रता को खत्म करना चाहते हैं।’

धर्म का चीनीकरण

आयोग धार्मिक स्वतंत्रता में गिरावट के लिए महत्वपूर्ण कारक के रूप में चीनी सरकार की बहुआयामी ‘बौद्ध धर्म के चीनीकरण’ नीति को जिम्मेदार ठहराता है। इस नीति के तहत सभी प्रमुख धार्मिक समूहों को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की विचारधारा और उसकी नीतियों का पालन करने के लिए मजबूर किया जाता है।

आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि ‘चीनीकरण के लिए धार्मिक समूहों को अपने धर्म की सीसीपी द्वारा की गई मार्क्सवादी व्याख्या का पालन करना आवश्यक है, जिसमें उस व्याख्या के अनुरूप धार्मिक शास्त्रों और सिद्धांतों को बदलना भी शामिल है।’ तिब्बत में चीनी सरकार की ‘धर्म के चीनीकरण’ नीति के प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए आयोग ने कहा कि ‘चीनीकरण नीति के तहत तिब्बत की स्थानीय आबादी को चीनी व्याख्या के तहत उसमें जबरन आत्मसात कर लेना शामिल है, जिससे उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को खतरा उत्पन्न हो गया है।’


विशेष पोस्ट

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

December 10, 2025

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

December 10, 2025

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

December 2, 2025

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

November 25, 2025

परम पावन दलाई लामा ने ऑस्ट्रेलियन-तिब्बतन नेशनल एसोसिएशन, तिब्बती कम्युनिटीज यूरोप और तिब्बती यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थना में भाग लिया

October 8, 2025

संबंधित पोस्ट

स्वास्थ्य विभाग ने टीपीएचसी बीर में हर माँ और बच्चे (ईएमसी) कार्यशाला का आयोजन किया

3 days ago

धर्मशाला तिब्बती सेटलमेंट ऑफिस ने तिब्बती चिल्ड्रन विलेज के स्टूडेंट्स के लिए एजुकेशनल और एनवायरनमेंटल टूर का आयोजन किया

3 days ago

संसदीय समिति ने परम पावन दलाई लामा के लोकतंत्र पर भाषणों का संकलन पूरा किया और निर्वासन में तिब्बती लोकतंत्र के विकास पर किताब को अपडेट किया

3 weeks ago

गादेन शार्त्से थोएसम नोरलिंग स्कूल की 55वीं सालगिरह पर कालोन डोलमा ग्यारी और कर्नाटक के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा मौजूद रहे।

4 weeks ago

DIIR ने बायलाकुप्पे में V-TAG एडवोकेसी और कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग शुरू की

4 weeks ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service