भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

कालोन थरलम डोल्मा चांगरा ने जापानी विश्वविद्यालयों के छात्रों को संबोधित किया

July 11, 2024

कलोन थरलाम डोलमा चांगरा छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए

टोक्यो। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) की शिक्षा मंत्री थरलम डोल्मा चांगरा ने चिबा प्रिफेक्चर स्थित दो जापानी विश्वविद्यालयों का दौरा किया और सामान्य रूप से तिब्बती शिक्षा प्रणाली और विशेष रूप से सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक (एसईई) शिक्षण के बारे में छात्रों और संकाय सदस्यों के बीच अपना व्याख्यान दिया।

रीताकू विश्वविद्यालय के अध्यक्ष मोटोका हिरोइके और कर्मचारियों ने शिक्षा कालोन थरलम डोल्मा चांगरा, प्रतिनिधि डॉ. शावांग ग्यालपो आर्य और सचिव ताशी यांगज़ोम का विश्वविद्यालय में स्वागत किया और अगवानी की। कालोन ने भी उनका अभिवादन किया और उन्हें तिब्बती खटक (स्कार्फ) भेंट किए। साथ ही कालोन ने उन्हें आमंत्रित करने और छात्रों को संबोधित करने का अवसर देने के लिए अध्यक्ष और विश्वविद्यालय को धन्यवाद दिया।

दोपहर में कालोन थरलम डोल्मा चांगरा ने चिबा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी) का दौरा किया। चेयरमैन सेतोकुमा ओसामू और बोर्ड के सदस्यों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने कालोन और उनके साथ पधारे गणमान्य हस्तियों का चेयरमैन के कार्यालय में स्वागत किया। कलोन ने तिब्बती सफेद स्कार्फ भेंट किए और तिब्बती छात्रों को शिक्षित करने में उनके बहुमूल्य और निरंतर सहायता के लिए चेयरमैन और विश्वविद्यालय को धन्यवाद दिया।

विश्वविद्यालयों में दो अलग-अलग व्याख्यानों में कालोन ने तिब्बती शिक्षा प्रणाली पर बात की और उन्हें एसईई सीखने की अवधारणा और विकास और दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों और संकाय सदस्यों के लिए इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘आधुनिक समय में शिक्षा के उद्देश्य और लक्ष्य बदल गए हैं। यह प्राचीन काल की तरह के नहीं रहे हैं। परम पावन महान १४वें दलाई लामा का दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा का विस्तार करुणा, सहिष्णुता और दया जैसे मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए, ताकि सभी संवेदनशील प्राणी शांति और सद्भाव से रह सकें। १९५९ में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद भारत की शरण में आने के तुरंत बाद परम पावन ने अपना विजन स्पष्ट कर दिया था। उनमें अच्छी आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा प्रदान करना, मानवीय मूल्यों को शामिल करना, हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, भाषा, धर्म और विरासत को संरक्षित करना शामिल है।’

धर्मनिरपेक्ष नैतिकता और एसईई लर्निंग पर बोलते हुए कालोन ने कहा, ‘धर्मनिरपेक्ष नैतिकता और एसईई शिक्षण- दोनों का उद्देश्य स्वयं की, दूसरों की और सभी की भलाई के लिए ‘३ एच’ यानी (हेड, हार्ट एंड हैंड) सिर, दिल और हाथ को शिक्षित करना है। विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी से पता चलता है कि जहां भी एसईई शिक्षण प्रणाली को लागू किया गया है, वहां के छात्रों के व्यवहार में बहुत बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।’

संकाय सदस्यों और छात्रों ने एसईई लर्निंग पर कालोन की बात की बहुत प्रशंसा की और इसके बारे में और अधिक जानने की इच्छा व्यक्त की। छात्रों ने पूछा कि वयस्क समाज में एसईई लर्निंग कैसे लागू की जा सकती है और एसईई लर्निंग में देशभक्ति की भूमिका क्या है। कालोन ने एमोरी विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित एसईई लर्निंग पर सामग्री और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के शिक्षा विभाग की शिक्षा नीति का दस्तावेज विश्वविद्यालयों को दिया।

रीताकु विश्वविद्यालय के प्रो. होरियुची ने तिब्बती शिक्षा प्रणाली और एसईई लर्निंग के उद्देश्य पर अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए कालोन को धन्यवाद दिया। उन्होंने मास्टर चिकुरो हिरोइके के मॉर्फोलॉजी शिक्षण और एसईई लर्निंग के बीच समानता होने की बात कहीं।

दोनों अध्यक्षों- सेटोकुमा हिरोइके और मोटोका हिरोइके ने एसईई लर्निंग की अवधारणा की प्रशंसा की। उन्होंने सभी संवेदनशील प्राणियों के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने और चलाने के लिए परम पावन दलाई लामा के प्रयासों की बहुत बहुत प्रशंसा की। उन्होंने हिंसा और घृणा से मुक्त एक दयालु दुनिया बनाने के उनके प्रयासों में परम पावन दलाई लामा और सीटीए को अपना समर्थन देने का वादा किया।

विश्वविद्यालय में तिब्बती छात्रों ने कालोन के साथ बैठक की और अपनी सतत शिक्षा और योजनाओं के बारे में जानकारी दी। बैठक के दौरान कालोन ने तिब्बती मुद्दे के महत्व पर जोर दिया और उन्हें एक समृद्ध तिब्बती समुदाय के निर्माण और विकास में योगदान देने के लिए अपने अध्ययन और ज्ञान को समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कालोन थरलाम डोलमा चांगरा चिबा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में छात्रों को संबोधित करते हुए
रीताकु विश्वविद्यालय के अध्यक्ष और बोर्ड के सदस्यों के साथ कलोन थरलाम डोलमा चांगरा
रीताकू के अंतर्राष्ट्रीय एवं वैश्विक अध्ययन के छात्रों के साथ कालोन थारलाम डोलमा चांगरा
चिबा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन और बोर्ड के सदस्यों के साथ कलोन थारलाम डोलमा चांगरा
चिबा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में तिब्बती छात्रों के साथ कालोन
कालोन थरलाम डोलमा ने चिबा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का दौरा किया और चेयरमैन और बोर्ड के सदस्यों से मुलाकात की
कालोन थरलाम डोलमा ने चिबा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का दौरा किया और चेयरमैन और बोर्ड के सदस्यों से मुलाकात की

विशेष पोस्ट

परम पावन दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिला, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सल ज़िम्मेदारी और करुणा को दिखाया

2 Feb at 9:15 am

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

December 10, 2025

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

December 10, 2025

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

December 2, 2025

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

November 25, 2025

संबंधित पोस्ट

बजट अनुमान समिति की बैठक CTA 2026-2027 बजट की समीक्षा के लिए हुई

1 week ago

पर्यावरण विशेषज्ञों ने निर्वासित तिब्बती संसद का दौरा किया

1 week ago

क्याब्जे कुंडलिंग तत्सक जेद्रुंग रिनपोछे ने कोल्लेगल धोंडेनलिंग में परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की

1 week ago

एस्टोनियाई संसद के तिब्बत सपोर्ट ग्रुप की ओर से शोक संदेश

1 week ago

तिब्बती और स्थानीय भारतीय पत्रकार सालाना इंटरैक्टिव लंच के लिए धर्मशाला में इकट्ठा हुए

1 week ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service