भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के नेतृत्व में तिब्बतियों ने तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस का ६३वां वर्षगांठ मनाई

March 10, 2022

चेक सीनेट के उपाध्यक्ष, जिरीओबरफेल्ज़र

tibet.net

धर्मशाला। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के नेतृत्व में धर्मशाला में निर्वासित तिब्बतियों ने तिब्बती शहीदों की याद में १० मार्च की सुबह ६३वां तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस को याद किया, जो पीएलए के अवैध कब्जे के खिलाफ १९५९ में इसी दिन ल्हासा में भड़क उठा था।

स्मरणोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में चेक सीनेट के उपाध्यक्ष जिरी ओबरफेल्जर और विशेष अतिथि के रूप में भारतीय राज्यसभा के सदस्य अमरेंद्र धारी सिंह ने भाग लिया। इसके अलावा, इस आधिकारिक समारोह में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के  लोकतांत्रिक स्तंभों के प्रमुख, सांसद, सचिव, सीटीए के कर्मचारी, निदेशक,  विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और धर्मशाला के निवासी तिब्बती शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत सिक्योंग पेन्पा त्सेरिंग द्वारा तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। उसी समय जनता ने तिब्बती राष्ट्रगान गाया। इसके बाद तिब्बती शहीदों के बलिदान को याद करते हुए एक मिनट का मौन रखा गया।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि के भाषण से पहले सिक्योंग पेन्पा त्सेरिंग और अध्यक्ष खेंपो सोनम तेनफेल ने क्रमशः कार्यापालिका और विधायिका के बयान पढ़े।

विशिष्ट अतिथि अमरेंद्र धारी सिंह ने तिब्बत के संघर्ष के साथ-साथ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विषयों की व्याख्या करते हुए सभा को संबोधित किया, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तिब्बत पर चीन के आक्रमण से जुड़ा है।

उन्होंने तिब्बती पठार के सैन्यीकरण, पर्यावरण पतन, अमानवीय दमन और तिब्बती भाषा, संस्कृति और धर्म को नष्ट करने के अभूतपूर्व प्रयासों के लिए चीन को फटकार लगाई।

उन्होंने कहा, ‘चीन को यह कहकर बचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए कि यह उसका आंतरिक मामला है। यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, यह मानवाधिकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का मामला है, जो हमारा लोकाचार है। सांसद अमरेंद्र धारी सिंह ने कहा कि चीन को एक सख्त संकेत भेजा जाना चाहिए कि भारत कब्जे वाले तिब्बत में रह रहे और निर्वासित तिब्बतियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने आगे तिब्बतियों को तिब्बती धर्म और संस्कृति का पालन करने के लिए भारत द्वारा समर्थन दिए जाने का आश्वासन दिया।’

परम पावन दलाई लामा को ‘शताब्दी की सबसे बड़ी नैतिक शक्ति’ के रूप में वर्णित करते हुए विशेष अतिथि ने यह भी कहा कि, ‘परम पावन इस समय भारत रत्न के सबसे बड़े हकदार हैं। इस समय इस पुरस्कार के लिए उनके कद का कोई व्यक्ति ओर नहीं है।’

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि जिरी ओबरफेल्जर ने कहा कि, ‘चेक गणराज्य में हमने कई दशकों तक अधिनायकवादी कम्युनिस्ट प्रणाली का अनुभव किया है और इसलिए हम इसी तरह के इतिहास का सामना कर रहे और दुर्भाग्य से अब तक इसका सामना कर रहे दूसरों समुदायों की स्थिति को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।’ मुख्य अतिथि ने यह भी उल्लेख किया कि उनके देशवासी कितने भाग्यशाली हैं कि उनके पास वक्लेव हॉवेल जैसा नेता हुए, जिन्होंने विवेक और जिम्मेदारी को आर्थिक सफलता से ऊपर रखा। उन्होंने कहा कि, ‘यही कारण है कि चेक गणराज्य की आजादी हासिल करने के बाद शुरुआती महीनों में ही राष्ट्रपति के तौर पर वैक्लेव हॉवेल ने परम पावन दलाई लामा को हमारे देश का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया।’

अपने संबोधन को समाप्त करने से पहले जिरी ओबरफल्जर ने कहा, ‘मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि यदि दुनिया में कोई भी एक राष्ट्र दमन का शिकार है तो कोई भी देश पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो सकता है। कोई भी अपनी स्वतंत्रता के बारे में सुनिश्चित नहीं हो सकता है और इसलिए उन्होंने तिब्बती की लड़ाई को ‘सबसे महत्वपूर्ण मानवीय जरूरत- लोगों की आत्मा और आत्मा की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई’ के तौर पर रेखांकित किया।’

शांति मार्च शुरू होने से पहले ‘आधिकारिक १० मार्च की सभा’ प्रार्थना के साथ संपन्न हुई।


विशेष पोस्ट

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

December 10, 2025

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

December 10, 2025

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

December 2, 2025

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

November 25, 2025

परम पावन दलाई लामा ने ऑस्ट्रेलियन-तिब्बतन नेशनल एसोसिएशन, तिब्बती कम्युनिटीज यूरोप और तिब्बती यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थना में भाग लिया

October 8, 2025

संबंधित पोस्ट

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

3 weeks ago

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

3 weeks ago

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

1 month ago

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

1 month ago

परम पावन दलाई लामा ने ऑस्ट्रेलियन-तिब्बतन नेशनल एसोसिएशन, तिब्बती कम्युनिटीज यूरोप और तिब्बती यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थना में भाग लिया

3 months ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service