भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

परम पावन दलाई लामा ने नवनिर्वाचित भारतीय राष्ट्रपति को बधाई दी

July 21, 2022

tibet.net

धर्मशाला। परम पावन दलाई लामा ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले लोकतांत्रिक देश भारत के राष्ट्रपति चुने जाने पर पत्र लिखकर बधाई दी है।

परम पावन ने लिखा,‘आप इस महत्वपूर्ण पद को ऐसे समय में ग्रहण कर रही हैं जब अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय भारत के महत्व के बारे में अधिक जागरूक हो रहा है।  भारत के पास विश्व शांति और विकास में योगदान करने के लिए बहुत- कुछ है।

उन्‍होंने लिखा,‘मैं भारत के प्रति ‍गहरे सम्मान का भाव रखता हूं। भारत सरकार के सबसे लंबे समय तक के अतिथि के रूप में मुझे देश के हर हिस्‍से की यात्रा करने का अवसर मिला है। हजारों वर्षों से भारत ने करुणाऔर अहिंसाके सिद्धांतों को कायम रखा है और महात्मा गांधी ने अहिंसा के सिद्धांत को दूर-दूर तक फैलाया है। इसमें बड़े पैमाने पर व्यक्तियों और दुनिया के भीतर शांति पैदा करने की क्षमता है। वैसे भी भारत धार्मिक सद्भाव की भूमि है, यहां कई अलग-अलग समुदाय एक साथ रहते हैं।‘

मैं अक्सर खुद को भारत के पुत्र के रूप में वर्णित करता हूं, क्योंकि मेरे सोचने का तरीका बौद्ध प्रशिक्षण से मुझे प्राप्त हुआ है। जैसा कि आप जानते हैं, तिब्बती बौद्ध संस्कृति की जड़ें नालंदा विश्वविद्यालय के विद्वान-विशेषज्ञों द्वारा विकसित तर्क और विश्लेषण की परंपराओं में निहित हैं।

अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने लिखा,‘आज हालांकि आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण मूल्य है, क्‍योंकि ‍इसका ध्यान भौतिकवाद पर है। मन और भावनाओं के कामकाज के बारे में प्राचीन भारतीय ज्ञान में अधिक जागरूकता और रुचि पैदा करके इसे संतुलित करने की आवश्यकता है। लोग भावनात्मक स्वच्छता विकसित करना सीख सकते हैं, जिसमें उनकी नकारात्‍मक भावनाओं से निपटना और मन की शांति प्राप्त करना शामिल है। इस लिहाज से भारत अपने प्राचीन ज्ञान के साथ आधुनिक शि‍क्षा को मिलाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है। मैं इस खजाने के बारे में अधिक जागरूकता और रुचि पैदा करने के लिए इस प्रयास को जारी रखने, विशेष रूप से भारतीय भाइयों और बहनों के बीच करुणा की शक्ति और इसे दुनिया के साथ साझा करने के लिए भी प्रतिबद्ध हूं।

उन्होंने कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं, तिब्बती लोगों और मुझे प्राचीन बौद्ध संस्कृति सहित हमारी पहचान की रक्षा और संरक्षण के प्रयास में सरकार और भारत के लोगों से अद्वितीय समर्थन प्राप्त हुआ है। मैं इस अवसर पर एक बार फिर आपके माध्यम से भारत सरकार और भारत के लोगों के प्रति हमें छह दशकों से अधिक समय से प्रदान किए जा रहे गर्मजोशीपूर्ण आतिथ्य के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता हूं।

परम पावन ने विश्वास व्यक्त किया कि नई राष्ट्रपति भारत की ताकत को मजबूत करने और भारत के प्राचीन ज्ञान के खजाने से प्रेरित अधिक शांतिपूर्ण विश्व का निर्माण करने के लिए हरसंभव नेतृत्व प्रदान करेंगी। उन्होंने पत्र का समापन राष्‍ट्रपति को शुभकामनाएं देकर और उनको अभिवादन के साथ किया।


विशेष पोस्ट

मेडिकल अपडेट: परम पावन दलाई लामा के बाएं घुटने की सफल रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई

12 Jun at 6:09 am

परम पावन दलाई लामा दिल्ली में चिकित्सा उपचार तथा लद्दाख की अपनी वार्षिक यात्रा के लिए धर्मशाला से रवाना हुए।

5 Jun at 5:42 am

स्पीकर डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और डिप्टी स्पीकर खेंपो सोनम तेनफेल ने आज शपथ ली

1 Jun at 10:32 am

18वीं तिब्बती निर्वासित संसद के लिए डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और खेनपो सोनम तेनफेल क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित

31 May at 9:50 am

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कर्मचारियों ने परम पावन दलाई लामा से मुलाक़ात की

12 May at 10:07 am

संबंधित पोस्ट

मेडिकल अपडेट: परम पावन दलाई लामा के बाएं घुटने की सफल रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई

1 week ago

परम पावन दलाई लामा दिल्ली में चिकित्सा उपचार तथा लद्दाख की अपनी वार्षिक यात्रा के लिए धर्मशाला से रवाना हुए।

2 weeks ago

स्पीकर डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और डिप्टी स्पीकर खेंपो सोनम तेनफेल ने आज शपथ ली

3 weeks ago

18वीं तिब्बती निर्वासित संसद के लिए डोल्मा त्सेरिंग तेयखांग और खेनपो सोनम तेनफेल क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित

3 weeks ago

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कर्मचारियों ने परम पावन दलाई लामा से मुलाक़ात की

1 month ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service