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स्विस, जर्मनी, कनाडा, नॉर्वे, यूके, बाल्टिक देशों, यूरोपीय संघ, चिली और टीएसजी के सांसदों ने सिक्योंग पेन्पा त्सेरिंग को बधाई दी

May 28, 2021

सिक्यांग श्री पेंपा सेरिंग

tibet.net

धर्मशाला। परम पावन दलाई लामा द्वारा राजनीतिक भूमिका के पूर्ण हस्तांतरण के बाद से निर्वासित तिब्बती नेतृत्व के तीसरे लोकतांत्रिक चुनाव में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत दर्ज कराने के बाद दुनिया भर के नेताओं ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के नव निर्वाचित सिक्योंग श्री पेन्पा त्सेरिंग को बधाई दी है।

स्विस, कनाडा, ब्रिटेन, बाल्टिक राज्यों, यूरोपीय संघ, चिली, जर्मनी और नॉर्वे में तिब्बत समर्थक समूह के सदस्यों, सांसदों और दुनिया भर के तिब्बत समर्थक दोस्तों ने नव निर्वाचित नेतृत्व को पत्र लिखकर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और सीटीए और तिब्बती मुद्दे के प्रति नए सिरे से समर्थन व्यक्त किया।

इटली-तिब्बत अंतर संसदीय समूह के अध्यक्ष माननीय लुसियानो नोबिली ने लिखा, ‘दलाई लामा के नेतृत्व में तिब्बती जिस लोकतांत्रिक संगठन को निर्वासन में स्थापित करना चाहते थे, वह हमारे समर्थन के मुख्य कारणों में से एक है। आपका एक समाज, होता है जो दूसरे देश में अत्यधिक कठिनाई के बावजूद नए सिरे से जीवन की शुरुआत करना चाहता है, वह सबसे पहले अपनी संस्कृति के सबसे प्रतिनिधिक तत्वों के संरक्षण के बारे में, अपने स्वयं के नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के बारे में, अपनी भाषा के बारे में, सार्वजनिक मामलों के लोकतांत्रिक प्रबंधन के संदर्भ में सोचना चाहता है।’

‘इटली-तिब्बत अंतर संसदीय समूह में अब संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी राजनीतिक दलों के 54 सदस्य हैं। इसकी अध्यक्षता कर मैं खुद को बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। इस समूह को पहले से ही इतालवी संस्थानों के भीतर तिब्बत मुद्दे से संबंधित विभिन्न पहलों को आयोजित करने का अवसर मिला है। इसमें से अंतिम, इस वर्ष 10 मार्च को आपके पूर्ववर्ती डॉ. लोबसांग सांगेय की उपस्थिति में टेली कांफ्रेंस थी।’ 

लातविया औचे की संसद में तिब्बत समर्थन  समूह के अध्यक्ष सांसद श्री उल्दिस बुद्रिकीस, लिथुआनियाई संसद में तिब्बतियों के साथ एकजुटता के लिए अनंतिम समूह के अध्यक्ष सांसद श्री अंद्रिअस नाविकस, एस्टोनिया संसद में तिब्बत समर्थक समूह के अध्यक्ष सांसद योकोज़ अलेंडर ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष सिक्योंगे पेन्पा त्सेरिंग को बधाई पत्र भेजा और तिब्बत पर चीनी कब्जे के खिलाफ अहिंसक संघर्ष के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की।  उन्होंने लिखा, ‘हमें विश्वास है कि आप अपने लोगों को वह स्वतंत्रता दिलाने में सफल होंगे जिसकी वे आकांक्षा रखते हैं। हम बाल्टिक देश आपके साथ खड़े रहेंगे और आप हमेशा हमारे समर्थन पर भरोसा कर सकते हैं। हम आपके निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई देते हैं और तिब्बती लोगों की भलाई के लिए अपनी ओर से समर्थन देने की पेशकश करते हैं।’

यूरोपीय संघ की संसद में तिब्बत हित समूह के सदस्य और यूरोपीय संघ के सदस्य मिकुलास पेक्सा, यूरोपीय संसद में तिब्बत हित समूह के अध्यक्ष, ऑउरा मालदेइकिएना (एमईपी, ईपीपी), हेंस हीड (एमईपी, एसएंडडी), कार्ल्स पुइगडेमोंट आई कैसामाजो (एमईपी, एनआई), एंटोनी कॉमिन और ओलिवर्स (एमईपी, एनआई), क्लारा पोन्साती ओबिओल्स (एमईपी, एनआई), इवान स्टेफेनेक (एमईपी, ईपीपी), पैट्रिक ब्रेयर (एमईपी, ग्रीन्स/ईएफए) और माइकल गहलर (एमईपी, ईपीपी)  ने निर्वासित तिब्बती संसद के लोकतांत्रिक चुनाव के सफल संचालन की सराहना की तथा नए सिक्योंग और संसद सदस्यों को बधाई दी।

उन्होंने लिखा, ‘हम इस अवसर का उपयोग आपको ब्रसेल्स में आमंत्रित करने के लिए करना चाहते हैं – जैसे ही स्थिति इसकी अनुमति देती है – तिब्बत की स्थिति के बारे में हमारे साथ आदान-प्रदान करने के लिए और उन तरीकों के बारे में बातचीत करने के लिए आपको आमंत्रित करना चाहेंगे, जिनसे यूरोपीय संसद तिब्बती लोगों के मानवाधिकार की स्थिति में सुधार करने में योगदान दे सकती है।

उन्होंने लिखा, हम सीटीए और चीनी सरकार के बीच मध्यम मार्ग दृष्टिकोण के अनुरूप सीधी बातचीत की प्रक्रिया के माध्यम से तिब्बत संकट के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं और इसके लिए आपके साथ काम करने को तत्पर हैं।

नए सिक्योंग को बधाई पत्रों की सूची में शामिल होते हुए हंगरी के बुडापेस्ट के बुडावर (प्रथम जिला) के उप महापौर श्री फेरेंक गेलेंसर ने अपनी शुभकामनाएं दीं और तिब्बत मुद्दे के महत्व के बारे में अवगत कराया।

‘मैं तिब्बत के लोगों की करुणा और प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा करना चाहूंगा, जो अपने राष्ट्र को एक बार फिर से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर देश बनाने के लिए कठोर संघर्ष कर रहे हैं।’

उन्होंने लिखा, ‘सदियों तक विदेशी शासन के अधीन रहे देश हंगरी का एक नागरिक होने के तौर पर मैं आप लोगों के संघर्ष को समझता हूं। हमारे समय की चुनौतियाँ हम सभी को याद दिलाती हैं कि क्यों लोकतंत्र एक आवश्यकता है, जिसे हम छोड़ नहीं सकते।’

इसी तरह, ब्रिटिश संसद में तिब्बत के लिए सर्वदलीय संसदीय समूह (एपीपीजीटी) के सदस्यों की ओर से एपीपीजीटी के अध्यक्ष सांसद टिम लॉटन ने ‘तिब्बत मुद्दे को साझा और समर्थन करने वाली मित्रता को निरंतर बनाए रखने और इस बीच तिब्बत में अत्याचार को समाप्त करने की इच्छा व्यक्त की।’

सांसद लॉटन ने और आगे लिखा कि ‘एपीपीजीटी अधिकारियों और सदस्यों के साथ ही मैं आपके साथ भी मिलकर काम करने और तिब्बत और उसके लोगों की स्वतंत्रता और अधिकारों के लिए चीन की सरकार को चुनौती देने के लिए ब्रिटिश सरकार पर दबाव डालने के लिए तत्पर हूं।’ उन्होंने आगे जोड़ा कि जब कोविड-19 महामारी की स्थिति में सुधार होगा तो वह नए सिक्योंग की ब्रिटेन यात्रा का इंतजार करेंगे।

एपीपीजीटी के सदस्यों में इसके सह अध्यक्ष और सांसद क्रिस लॉ, लिवरपूल के लॉर्ड एल्टन, सांसद सर पीटर बॉटमली, सांसद मैरियन फेलो, सांसद वेरा हॉबहाउस, सांसद केरी मैकार्थी और सांसद नवेंदु मिश्रा शामिल हैं।

चिली गणराज्य के एरिका और परिनाकोटा से संसद सदस्य माननीय व्लाडो मिरोसेविक वेरगुडो ने नवनिर्वाचित सिक्योंग को बधाई संदेश भेजा।

उन्होंने लिखा, ‘हार्दिक अभिवादन के साथ मैं आपको चुनावी जीत के लिए अपनी ओर से हार्दिक बधाई देना चाहता हूं। इस चुनाव में जीत कर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के राष्ट्रपति बने हैं और आपको निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रमुख के रूप में स्थापित किया गया है।’

सांसद ने टिप्पणी की, ‘आपने तिब्बती मुद्दे को हल करने, निर्वासित तिब्बतियों की कुशलता की देखभाल करने और चीन के साथ बातचीत के सभी संभावित रूपों को बढ़ावा देने की बात की है, और यही कारण है कि चिली के लोग तिब्बती लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाले शब्द- सिक्योंग- के रूप में सफलता पाने में आपके लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करने में एकजुट हैं।’

कनाडा में पार्लियामेंटरी फ्रेंड्स ऑफ तिब्बत (पीएफटी) के अध्यक्ष सांसद आरिफ विरानी ने लिखा: ‘ताशी डेलेक और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सिक्योंग (राष्ट्रपति) चुने जाने पर पेन्पा त्सेरिंग ला को बधाई और निवर्तमान सिक्योंग डॉ. लोबसंग सांगेय को 10 साल की सेवा के लिए धन्यवाद।’

उन्होंने लिखा, ‘मैं ओटावा में सिक्योंग पेन्पा त्सेरिंग ला का स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं और उनके साथ काम करना जारी रखना चाहता हूं और तिब्बती लोगों के लिए सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक स्वतंत्रता की वकालत करता हूं।’

कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह के उपाध्यक्ष, सांसद गार्नेट जेनुइस ने ट्विटर पर सिक्योंग-निर्वाचित त्सेरिंग और निवर्तमान सिक्योंग डॉ. सांगेय- दोनों को बधाई दी, क्योंकि उन्होंने ‘लोकतांत्रिक संस्था निर्माण के लिए तिब्बती लोगों की प्रतिबद्धता’ को आगे बढ़ाया।

जर्मन बुंडेस्टाग के सदस्य माइकल ब्रांड ने नए सिक्योंग को बधाई देते हुए लिखा कि निर्वासित तिब्बतियों जैसी लोकतांत्रिक सरकार ने विश्व सरकारों, विशेषकर बीजिंग में चीनी सरकार के लिए एक मिसाल कायम की है कि जबरदस्ती और आतंक का शासन, शासन का सही तरीका नहीं है। बल्कि लोगों के शासन की जीत होती है।

उन्होंने कहा, ‘फ्रेंड्स ऑफ तिब्बत भविष्य में तिब्बती लोगों, उनकी संस्कृति और उनके लोकतांत्रिक नेतृत्व का साथ देने और उनका समर्थन करने के लिए और अधिक इच्छुक हैं। उन्होंने आगे कहा कि कैसे परम पावन ने उन्हें तिब्बती सरकार का समर्थन करने और उनकी दोस्ती को मजबूत करने के लिए व्यापक रूप से प्रेरित किया।

उन्होंने लिखा, ‘इसलिए मुझे इस अनुकरणीय और विशिष्ट लोगों के हित में और उनकी सांस्कृतिक,  राजनीतिक और मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए जर्मनी और यूरोप के साथ-साथ पूरी दुनिया में तिब्बत के दोस्तों के साथ मिलकर और नई तिब्बती सरकार के साथ मिलकर काम करने में प्रसन्नता हो रही है।’

यह बहुत खुशी की बात है कि हम आपको केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के राष्ट्रपति के रूप में आपके निर्वाचन पर हार्दिक बधाई देते हैं।

हम निर्वासन में लोकतांत्रिक संस्थानों की स्थापना के लिए दलाई लामा द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना और स्वागत करते हैं और तिब्बती निर्वासित समुदाय को एक बार फिर से इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश देते हैं।

नॉर्वेजियन सांसद पेट्टर ईड (सोशलिस्ट लेफ्ट पार्टी) यूरोप की परिषद की संसदीय सभा के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और  ऊर्जा और पर्यावरण पर स्थायी समिति के अध्यक्ष सांसद केटिल केजेन्सथ (लिबरल पार्टी) अध्यक्ष ने भी बधाई संदेश भेजा।

उन्होंने लिखा, ‘यह बहुत खुशी की बात है कि हम आपको केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष के रूप में आपके चुनाव पर हार्दिक बधाई देते हैं। हम निर्वासन में लोकतांत्रिक संस्थानों की स्थापना के लिए दलाई लामा द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना और स्वागत करते हैं, और तिब्बती निर्वासित समुदाय को एक बार फिर से इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरा करने का संदेश देते हैं।’

इस बीच, लातविया (बाल्टिक देशों) में तिब्बत के मित्रों और समर्थकों ने अपने देशों में नए सिक्योंग की संभावित यात्रा कराने की अपनी इच्छा व्यक्त की।

उन्होंने नए सिक्योंग पेन्पा त्सेरिंग को बधाई देते हुए लिखा, ‘बहुत काम है और हम तिब्बत के मित्र, भाई और बहन, विचार, हृदय और कार्यों में तिब्बत के साथ हैं और रहेंगे।’

मेक्सिको में एक प्रमुख तिब्बत समर्थक समूह- तिब्बत एमएक्स ने श्री त्सेरिंग को भेजे अपने बधाई-पत्र में परम पावन दलाई लामा और सीटीए द्वारा निर्देशित तिब्बती लोगों के मुद्दों के प्रति प्रतिबद्ध होने की फिर से पुष्टि की।

‘तिब्बत एमएक्स वैध तिब्बती अधिकारियों और मेक्सिको के लोगों के बीच सेतु है और रहेगा। हम आपको शुभकामनाएं देते हैं और स्थिति की अनुमति मिलते ही आपसे और आपके प्रतिनिधियों से मिलने की उम्मीद करते हैं।’

27 मई को लिखे अपने बधाई संदेश में तिब्बत के लिए स्विस-संसदीय समूह के सह-अध्यक्षों और उपाध्यक्ष ने तिब्बत मुद्दे पर अपने निरंतर समर्थन और प्रतिबद्धता को फिर से व्यक्त किया।

जब भी संभव हो, हम तिब्बत में मानवाधिकार की स्थिति पर पहल के साथ संसद में सक्रिय हो जाते हैं  और हम इस बात पर जोर देते हैं कि स्विस सरकार हमेशा चीनी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ अपने संपर्क के माध्यम से तिब्बती लोगों के अधिकारों की वकालत करे। तिब्बती गैर सरकारी संगठनों और जिनेवा में परम पावन दलाई लामा के प्रतिनिधि के साथ निकट संपर्क का लाभ उठाते हुए हम तिब्बती चिंताओं को स्विस राजनीति में लाने के तरीकों की तलाश करते हैं।’

इस उद्देश्य के लिए उन्होंने भविष्य में नए सीटीए नेतृत्व के साथ इस ‘मूल्यवान सहयोग’ को जारी रखने की आशा की और निर्वासित तिब्बती संसद में नव निर्वाचित संसदीय सहयोगियों को एक सफल विधायिका के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इतिहास तिब्बत के लिए एक सकारात्मक मोड़ ले सकता है।  पत्र सह अध्यक्ष सांसद निक गुगर, सह अध्यक्ष सांसद फैबियन मोलिना, सह-अध्यक्ष सांसद निकोलस वाल्डर और उपाध्यक्ष सांसद माया ग्राफ के हस्ताक्षर से जारी किया गया।

इसी तरह, स्विस-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन ने नए शपथ ग्रहण करने वाले सिक्योंग श्री पेन्पा त्सेरिंग को बधाई दी।

एसटीएफए के अध्यक्ष थॉमस बुचली और एसटीएफए के उपाध्यक्ष ल्हांग नागोरखांगसर ने लिखा, ‘हम आपको और तिब्बती संसद में नव निर्वाचित चितुओं के लिए सफल विधायिका की कामना करते हैं।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘आपके पूर्ववर्ती सिक्योंग डॉ. लोबसांग सांगेय के साथ विभिन्न बैठकों में हमें धर्मशाला में निर्वासित सरकार से प्रत्यक्ष और मूल्यवान जानकारी प्राप्त हुई। हम आपके साथ इस आदान-प्रदान को जारी रखना चाहेंगे। हम निकट भविष्य में सिक्योंग के रूप में आपके साथ सीधे संपर्क बनाए रखने के लिए आपकी स्विट्जरलैंड यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’


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