भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

पूर्व तिब्बती राजनीतिक बंदी नवांग ग्यालत्सेन का ५८ वर्ष की उम्र में निधन

February 23, 2022

तिब्बती राजनीतिक बंदी नवांग ग्यालछेन

tibet.net

हमारे स्रोत के अनुसार, तिब्बती लोगों के मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए चीनी जेलों में 17 साल से अधिक समय गुजारने वाले एक पूर्व तिब्बती राजनीतिक बंदी का २२ फरवरी, २०२२ को निधन हो गया।

जानकारी के अनुसार, खराब स्वास्थ्य के कारण न्गोडुप ग्यालत्सेन के नाम से भी ख्यात न्ग्वांग ग्यालत्सेन का निधन स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग ५ः२२ बजे ल्हासा अस्पताल में हो गया। वह केवल ५८ वर्ष के थे।

न्ग्वांग ग्यालत्सेन उन २१ डेपुंग भिक्षुओं में से एक थे, जिन्होंने २७ सितंबर १९८७ को ल्हासा में पहला महत्वपूर्ण स्वतंत्रता-समर्थक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और ल्हासा के एक हिरासत केंद्र में चार महीने के लिए रखा गया था।

अपनी रिहाई के बाद भी उन्होंने तिब्बत की स्वतंत्रता और तिब्बती लोगों के मौलिक मानवाधिकारों के लिए काम करना जारी रखा। उन्होंने नौ अन्य भिक्षुओं के साथ अहिंसक राजनीतिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए ‘ग्रुप ऑफ टेन’ का गठन किया।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ग्रुप- २२ की रिपोर्ट के अनुसार, इन ‘दस भिक्षुओं’ की अहिंसक राजनीतिक गतिविधियों में नक्काशीदार लकड़ी के ब्लॉकों पर मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की प्रतियां मुद्रित करने का काम भी शामिल था। उन्होंने दलाई लामा द्वारा निर्वासन में तैयार किए गए १९६३ के संविधान के आधार पर भविष्य के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए एक दस्तावेज भी छापा, जिसमें चीनी कब्जे से मुक्त एक लोकतांत्रिक तिब्बत की अवधारणा का प्रस्ताव रखा गया है।

अधिकारियों ने १३ मई १९८९ को इन दस भिक्षुओं को गिरफ्तार कर लिया। २८ नवंबर १९८९ को ल्हासा पीपुल्स इंटरमीडिएट कोर्ट ने लगभग १५०० लोगों की उपस्थिति में उन पर मुकदमा चलाया, जहां उन्हें प्रति-क्रांतिकारी समूहों में भाग लेने, अलगाववाद को भड़काने, जासूसी कृत्यों का संचालन करने और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को अवैध रूप से पार करने के आरोप में १७-१७ साल की जेल की सजा सुनाई गई। उन्हें उनकी लंबी सजा अवधि के अलावा पांच साल तक सभी राजनीतिक अधिकारों से वंचित करने का फैसला भी सुनाया गया।

‘फ्री तिब्बत’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, नवांग को फिर से गिरफ्तार किया गया और बाद में २४ फरवरी २०१५ को अज्ञात आरोपों में नागचू के सोग काउंटी में तीन साल जेल की सजा सुनाई गई। संदेह जताया गया कि उन्हें ‘देशभक्ति की शिक्षा’ पर चीनी अधिकारियों के साथ टकराव के कारण उन्हें अपने मठ से बेदखल कर दिया गया था। उन्हें तीन सजा की सजा देकर ल्हासा की द्रापची जेल में रखा गया। सजा पूरी होने के बाद उन्हें ०७ मार्च २०१९ को रिहा कर दिया गया।

नवांग ग्यालत्सेन तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ल्हासा शहर में तोएलुंगदेचेन (चीनी : दुइलोंगदेकिंन) काउंटी के रहने वाले हैं। वह १९८४ में डेपुंग मठ में भिक्षु बने।


विशेष पोस्ट

परम पावन दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिला, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सल ज़िम्मेदारी और करुणा को दिखाया

2 Feb at 9:15 am

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

December 10, 2025

परम पावन महान १४वें दलाई लामा द्वारा महान राष्ट्र तिब्बत का आध्यात्मिक-आधिभौतिक नेतृत्व संभालने के ७५वीं वर्षगांठ पर कशाग का बयान

December 10, 2025

परम पावन 14वें दलाई लामा ने एशिया में आए तूफानों के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की

December 2, 2025

सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ का ऑफिशियल दौरा शुरू किया, मीडिया इंटरव्यू दिए और वॉरियर्स डिफेंस एकेडमी में भाषण दिया

November 25, 2025

संबंधित पोस्ट

बजट अनुमान समिति की बैठक CTA 2026-2027 बजट की समीक्षा के लिए हुई

1 week ago

पर्यावरण विशेषज्ञों ने निर्वासित तिब्बती संसद का दौरा किया

1 week ago

क्याब्जे कुंडलिंग तत्सक जेद्रुंग रिनपोछे ने कोल्लेगल धोंडेनलिंग में परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की

1 week ago

एस्टोनियाई संसद के तिब्बत सपोर्ट ग्रुप की ओर से शोक संदेश

1 week ago

तिब्बती और स्थानीय भारतीय पत्रकार सालाना इंटरैक्टिव लंच के लिए धर्मशाला में इकट्ठा हुए

1 week ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service