भाषा
བོད་ཡིག中文English
  • मुख पृष्ठ
  • समाचार
    • वर्तमान तिब्बत
    • तिब्बत समर्थक
    • लेख व विचार
    • कला-संस्कृति
    • विविधा
  • हमारे बारे में
  • तिब्बत एक तथ्य
    • तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
    • तिब्बतःएक अवलोकन
    • तिब्बती राष्ट्रीय ध्वज
    • तिब्बती राष्ट्र गान (हिन्दी)
    • तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र
    • तिब्बत पर चीनी कब्जा : अवलोकन
    • निर्वासन में तिब्बती समुदाय
  • केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
    • संविधान
    • नेतृत्व
    • न्यायपालिका
    • विधायिका
    • कार्यपालिका
    • चुनाव आयोग
    • लोक सेवा आयोग
    • महालेखा परीक्षक
    • १७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां
    • CTA वर्चुअल टूर
  • विभाग
    • धर्म एवं सांस्कृति विभाग
    • गृह विभाग
    • वित्त विभाग
    • शिक्षा विभाग
    • सुरक्षा विभाग
    • सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
    • स्वास्थ विभाग
  • महत्वपूर्ण मुद्दे
    • तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
    • चीन-तिब्बत संवाद
    • मध्य मार्ग दृष्टिकोण
  • वक्तव्य
    • परम पावन दलाई लामा द्वारा
    • कशाग द्वारा
    • निर्वासित संसद द्वारा
    • अन्य
  • मीडिया
    • तस्वीरें
    • विडियो
    • प्रकाशन
    • पत्रिका
    • न्यूज़लेटर
  • तिब्बत समर्थक समूह
    • कोर ग्रुप फॉर तिब्बतन कॉज़ – इंडिया
    • भारत तिब्बत मैत्री संघ
    • भारत तिब्बत सहयोग मंच
    • हिमालयन कमेटी फॉर एक्शन ऑन तिबेट
    • युथ लिब्रेशन फ्रंट फ़ॉर तिबेट
    • हिमालय परिवार
    • नेशनल कैंपेन फॉर फ्री तिबेट सपोर्ट
    • समता सैनिक दल
    • इंडिया तिबेट फ्रेंडशिप एसोसिएशन
    • फ्रेंड्स ऑफ़ तिबेट
    • अंतरष्ट्रिया भारत तिब्बत सहयोग समिति
    • अन्य
  • संपर्क
  • सहयोग
    • अपील
    • ब्लू बुक

दलाईलामा ने बताया मन को शुद्ध रखने का रास्ता, कहा इससे खुलता है समृद्धि का मार्ग

December 5, 2018

दैनिक जागरण, 4 दिसंबर 2018

आगरा, जेएनएन। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा का मानना है कि व्यक्ति को खुद के अंदर सुधार कर धर्म की ओर अग्रसर होना चाहिए। शुद्ध आचरण करने से मन को मिलने वाली शांति आध्यात्म की ओर अग्रसर करती है। उन्होंने करुणा को सभी धर्मों का मूल उद्देश्य बताया है।

14 वें दलाईलामा तेनजिन ज्ञात्सो ने ये बातें क्षेत्र के गांव जसराजपुर में वाईबीएस सेंटर पर चल रहे तीन दिवसीय धम्म प्रवचन कार्यक्रम के दूसरे दिन उपासकों से कहीं। उन्होंने कहा कि बौद्ध विचारों का संकलन बोधिचर्यावतार में किया गया है। इसका अध्ययन करने से व्यक्ति के जीवन में सुख का रास्ता खुलता है। क्रोध करने वाले को कभी भी मानसिक शांति व परम सुख की प्राप्ति नहीं हो सकती है। नास्तिक लोग भी हमेशा प्रेम के भूखे होते हैं। जीवन में समृद्धि के लिए बौद्ध दर्शन का अध्ययन सभी के लिए जरूरी है। व्यक्ति को हमेशा मानवता के कल्याण की भावना को मन में रखकर भगवान बुद्ध के बताए रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए। दलाईलामा ने प्रवचन के दौरान बोधिचर्यावतार पुस्तक के कई अंशों को उपासकों से पढ़वा कर उनका मतलब बताया। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान साधना करने वालों को बुद्धत्तव की प्राप्ति आसानी से हो सकती है। नालंदा परंपरा के अनुसार ज्ञान का उपयोग कर मन को शुद्ध बनाया जा सकता है। विज्ञान ने भी बौद्ध धर्म में शुद्धीकरण की बात को माना है। व्यक्ति को खुद में सुधार के लिए अपना स्वामी बनने की नसीहत देते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा की। कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री आलोक शाक्य, पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, वाईबीएस अध्यक्ष सुरेश बौद्ध, महासचिव भंते उपनंद थैरो, एसडीएम महेश प्रकाश, पीसी आर्य, डॉ. अजब ङ्क्षसह यादव, राकेश बौद्ध, उत्तम बौद्ध, प्रेमङ्क्षसह शाक्य, रोहित बौद्ध, अर्जुन ङ्क्षसह, तीर्थराज बौद्ध, सोबरन ङ्क्षसह शाक्य, आलोक ङ्क्षसह, रामप्रकाश मौर्य, प्रवीन बौद्ध, मिथलेश अग्रवाल, जोगराज शाक्य, रावल ङ्क्षसह यादव, हीरालाल शाक्य मौजूद रहे।

तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा से मुलाकात के लिए मंगलवार को लोगों में खासा उत्साह रहा। उनके प्रवचन सुनने के लिए सपा संरक्षक मुलायम ङ्क्षसह यादव की पुत्रवधू अपर्णा यादव भी लखनऊ से पहुंची। अपर्णा ने मंच पर दलाईलामा से आशीर्वाद लिया। डीएम प्रदीप कुमार, एसपी अजय शंकर राय ने होटल में पहुंच कर दलाईलामा का आशीर्वाद लिया। उनके दीदार के लिए सड़क के दोनों ओर विदेशी और देशी श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।

Link of news article: https://www.jagran.com/uttar-pradesh/agra-city-discourse-on-the-peace-of-mind-given-by-dalai-lama-18713644.html


विशेष पोस्ट

बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) के अवसर पर परम पावन दलाई लामा का संदेश

1 May at 9:42 am

संदेश

31 Mar at 9:22 am

परम पावन दलाई लामा के दीर्घायु के लिए तीन तिब्बती समूहों द्वारा प्रार्थनाएं अर्पित

25 Mar at 10:05 am

परम पावन दलाई लामा ने भारत में तिब्बत मुद्दे का समर्थन करने वाले कोर ग्रुप द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थनाओं में भाग लिया

11 Mar at 9:07 am

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

10 Mar at 9:41 am

संबंधित पोस्ट

बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) के अवसर पर परम पावन दलाई लामा का संदेश

1 week ago

संदेश

1 month ago

परम पावन दलाई लामा के दीर्घायु के लिए तीन तिब्बती समूहों द्वारा प्रार्थनाएं अर्पित

1 month ago

परम पावन दलाई लामा ने भारत में तिब्बत मुद्दे का समर्थन करने वाले कोर ग्रुप द्वारा आयोजित दीर्घायु प्रार्थनाओं में भाग लिया

2 months ago

परम पावन १४वें दलाई लामा के तिब्बत के लौकिक और आध्यात्मिक नेतृत्व संभालने की ७५वीं सालगिरह के मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद का बयान

2 months ago

हमारे बारे में

महत्वपूर्ण मुद्दे
तिब्बत जो मुद्दे सामना कर रहा
मध्य मार्ग दृष्टिकोण
चीन-तिब्बत संवाद

सहयोग
अपील
ब्लू बुक

CTA वर्चुअल टूर

तिब्बत:एक तथ्य
तिब्बत:संक्षिप्त इतिहास
तिब्बतःएक अवलोकन
तिब्बती:राष्ट्रीय ध्वज
तिब्बत राष्ट्र गान(हिन्दी)
तिब्बत:स्वायत्तशासी क्षेत्र
तिब्बत पर चीनी कब्जा:अवलोकन
निर्वासन में तिब्बती समुदाय

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन
संविधान
नेतृत्व
न्यायपालिका
विधायिका
कार्यपालिका
चुनाव आयोग
लोक सेवा आयोग
महालेखा परीक्षक
१७ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन आधिकारिक छुट्टियां

केंद्रीय तिब्बती विभाग
धार्मीक एवं संस्कृति विभाग
गृह विभाग
वित्त विभाग
शिक्षा विभाग
सुरक्षा विभाग
सूचना एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
स्वास्थ विभाग

संपर्क
भारत तिब्बत समन्वय केंद्र
एच-10, दूसरी मंजिल
लाजपत नगर – 3
नई दिल्ली – 110024, भारत
दूरभाष: 011 – 29830578, 29840968
ई-मेल: [email protected]

2021 India Tibet Coordination Office • Privacy Policy • Terms of Service